मलेरकोटला , अगस्त 08 -- पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को दावा किया कि पंजाब की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि चुनाव फरवरी 2027 या इसी वर्ष नवंबर में हो सकते हैं।
'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि उन्होंने पंजाब के 18 जिलों का दौरा किया है और इस दौरान कांग्रेस के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि लोग आम आदमी पार्टी सरकार से निराश हो चुके हैं और पंजाब में बदलाव चाहते हैं।
श्री बघेल ने मलेरकोटला की पवित्र धरती को नमन करते हुए 1705 की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय मलेरकोटला के नवाब ने सरहिंद के तत्कालीन गवर्नर द्वारा छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवार में चिनवाने के आदेश का विरोध किया था। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र करते हुए महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद सहित स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं को याद किया। बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं के साथ उसी तरह का व्यवहार कर रही है और विभिन्न राज्यों में छोटे तथा क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री बघेल ने केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने जेन-जी के युवाओं की भी प्रशंसा की और दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित दबाव के खिलाफ आवाज उठायी है। उन्होंने कहा कि जब कोई उनके खिलाफ बोलने की स्थिति में नहीं था, तब जेन-जी ने सरकार पर दबाव बनाया। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों के समर्थन में खड़े होने का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर राज्य में रेत खनन को माफिया से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के उस कथित दावे पर सवाल उठाया, जिसमें रेत खनन से 30,000 करोड़ रुपये की आय होने की बात कही गयी थी।
राजा वड़िंग ने दावा किया कि सरकार अब तक रेत खनन से केवल करीब 300 करोड़ रुपये ही जुटा सकी है। उन्होंने सवाल किया कि बाकी 30,000 करोड़ रुपये कहां गए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य को केवल 300 करोड़ रुपये ही मिलने हैं और बाकी धन कथित तौर पर माफिया के पास जा रहा है, तो रेत को लोगों के लिए उपलब्ध कराना बेहतर होगा, ताकि माफिया की लूट को रोका जा सके।
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