चंडीगढ़ , अक्टूबर 01 -- पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को कहा कि राज्य ने सितंबर 2026 में शुद्ध वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्राप्ति में सालाना आधार पर 22.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
श्री चीमा ने बताया कि सितंबर 2025 में 1,973.12 करोड़ रुपये की शुद्ध जीएसटी प्राप्ति के मुकाबले सितंबर 2026 में यह बढ़कर 2,409.47 करोड़ रुपये हो गयी। इस दौरान 436.35 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि सितंबर तक राज्य का कुल जीएसटी संग्रह 15,405.12 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 13,112.27 करोड़ रुपये के मुकाबले 17.39 प्रतिशत अधिक है। एसजीएसटी नकद संग्रह 738.05 करोड़ से बढ़कर 877.82 करोड़ रुपये हो गया, जो 19 प्रतिशत की वृद्धि है।
श्री चीमा के अनुसार, सितंबर में वैट और सीएसटी संग्रह भी 28.70 प्रतिशत बढ़कर 742.75 करोड़ रुपये हो गया, जबकि सितंबर 2025 में यह 577.11 करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष में अब तक वैट और सीएसटी संग्रह 4,558.48 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 3,982.43 करोड़ रुपये से 14.46 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सितंबर में पंजाब के जीएसटी राजस्व में 16 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि 14 प्रतिशत रही। एसजीएसटी नकद संग्रह की वृद्धि 19 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आठ प्रतिशत थी।
उन्होंने बताया कि कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई के तहत सितंबर में करीब 142 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाये गये। उन्होंने कहा कि कार्रवाई फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, फर्जी बिलिंग और बिना दस्तावेज माल ढुलाई समेत उच्च जोखिम वाले व्यापारिक क्षेत्रों पर केंद्रित रही। उन्होंने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ की एक कंपनी के मामले में करीब 22.53 करोड़ रुपये के संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट का पता चला और कार्रवाई के दौरान 9.50 करोड़ रुपये एसजीएसटी के रूप में जमा कराये गये। राज्यव्यापी जांच में 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लौह स्क्रैप और स्टील सामग्री ले जा रहे 332 वाहन पकड़े गये, जिनसे अब तक 5.07 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है।
श्री चीमा ने कहा कि विभाग तकनीक आधारित विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
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