नयी दिल्ली , जुलाई 16 -- पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश इकाई में चल रही आंतरिक कलह को खत्म करने की कवायद तेज कर दी है और इसी क्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को यहां पंजाब कांग्रेस के नाराज नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की।

श्री वेणुगोपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधायक राणा गुरजीत सिंह, प्रगट सिंह, वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नाराज चल रहे नेताओं से बातचीत कर उनकी राय और शिकायतें सुनीं। इन बैठकों को पंजाब कांग्रेस में जारी असंतोष को दूर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बैठक के बाद श्री चन्नी ने संवाददाताओं से कहा, "हम पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। हम कांग्रेस हाईकमान का सम्मान करते हैं। राहुल गांधी हमारे नेता हैं और हम उनसे प्रेम करते हैं। हमारा उद्देश्य किसी को शर्मिंदा करना या किसी को नीचा दिखाना नहीं है। हम सिर्फ पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना चाहते हैं और हमने अपना पक्ष हाईकमान के सामने रख दिया है।"उन्होंने आगे कहा ,"कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी बात सुनी है और अंतिम निर्णय हमेशा हाईकमान का होता है। "हाईकमान जो भी फैसला करेगा, हम उसे पूरी तरह स्वीकार करेंगे और उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे। हम कभी पार्टी के खिलाफ नहीं रहे और न ही पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। ऑल इज़ वेल। हम पार्टी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और पार्टी लाइन का पालन करेंगे।"उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात कर पंजाब की राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक हालात पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद ही केसी वेणुगोपाल ने असंतुष्ट नेताओं को दिल्ली बुलाकर अलग-अलग बैठकें शुरू की हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी खत्म कर संगठन को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

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