चंडीगढ़ , जुलाई 09 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता सामूहिक रूप से कांग्रेस हाईकमान के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

श्री रंधावा ने कहा कि कोई भी नेता व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि सभी मिलकर अपनी राय देंगे और हाईकमान के विचार भी सुनेंगे। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां किसी भी मुद्दे पर मतभेद होने पर उन्हें आपसी संवाद से सुलझाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की तरह कांग्रेस तानाशाही तरीके से नहीं चलती और पार्टी में हर नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत पार्टी नेताओं की बैठकें प्रदेश मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल के अलावा के.सी. वेणुगोपाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ भी होंगी। जरूरत पड़ने पर नेता दिल्ली जाकर भी हाईकमान से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस से जुड़े सभी मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा होगी और हाईकमान के मार्गदर्शन के अनुसार आगे की रणनीति तय की जायेगी।

श्री रंधावा ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य पंजाब में संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों में जीत हासिल करना है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक दल में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन कांग्रेस की वास्तविक राजनीतिक लड़ाई आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है और राज्य को इस स्थिति से बाहर निकालना कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए रंधावा ने कहा कि राज्य की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफबीआई की कार्रवाई और गैंगस्टरों व रंगदारी से जुड़े मामलों में पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली के कारण पंजाब की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हुई है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्यशैली से पूरे विश्व में पंजाब की बदनामी हुई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को गंभीरता से उठायेगी और पार्टी के आंतरिक मामलों का समाधान भी आपसी सहमति और लोकतांत्रिक तरीके से किया जायेगा।

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