चंडीगढ़ , जनवरी 29 -- पंजाब के आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को बताया कि कराधान विभाग ने 28 जनवरी को राज्य खुफिया एवं निवारक इकाइयों (एसआईपीयू) की सभी शाखाओं के माध्यम से एक विशेष राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान चलाया और विस्तृत सत्यापन के लिए 141 वाहन जब्त किये हैं।

श्री चीमा ने बताया कि इनमें से बड़ी संख्या में वाहन मंडी गोविंदगढ़ और लुधियाना में रोके गये, जो लौह एवं इस्पात व्यापार के प्रमुख केंद्र हैं। प्रारंभिक जांचसे पता चलता है कि परिवहन किये जा रहे अधिकांश लौह एवं इस्पात के सामान कर चोरी के संदेह में हैं। ये सामान बिना चालान के आवाजाही, जीएसटी प्रावधानों के दुरुपयोग और अनियमित ई-वे बिलों के माध्यम से कर चोरी का शिकार हो सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह अभियान जनवरी 2026 में उच्च जोखिम वाले लौह एवं इस्पात क्षेत्र को लक्षित करके चलाये गये प्रवर्तन अभियान पर आधारित है, जो विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर केंद्रित है। प्राप्त जानकारी से पता चला है कि चालान रहित माल परिवहन, फर्जी फर्मों, फर्जी बिलिंग और ई-वे बिल में हेराफेरी के माध्यम से बड़े पैमाने पर कर चोरी की जा रही है। इसलिए, एसआईपीयू को लौह स्क्रैप, तैयार लौह एवं इस्पात उत्पादों और अन्य उच्च जोखिम वाली वस्तुओं पर समान प्रवर्तन सुनिश्चित करने के लिए जांच तेज करने का निर्देश दिया गया है।

आबकारी मंत्री ने बताया कि जनवरी में चलाये गये निरंतर प्रयासों के तहत राज्य भर में 793 वाहन जब्त किये गये, इनमें से 538 वाहनों में लोहे का स्क्रैप और तैयार लोहा/ इस्पात का सामान था, जबकि बाकी वाहनों में अन्य वस्तुएं थीं। इन कार्रवाइयों से 667 मामलों में 14.84 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। अट्ठाइस जनवरी तक 187 अन्य मामले सत्यापन के अधीन हैं और आगे और वसूली की उम्मीद है।

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