चंडीगढ़ , मई 19 -- पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने मंगलवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मुलाकात कर जनगणना 2027 के ड्राफ्ट फॉर्मों और ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल में अनुसूचित जातियों के लिए इस्तेमाल किये गये कथित अपमानजनक और प्रतिबंधित शब्दों पर गंभीर आपत्ति जतायी।
इस दौरान आयोग की ओर से एक ज्ञापन सौंपकर मांग की गयी कि ऐसे शब्दों को तुरंत हटाया जाये और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाये जायें।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के प्रवक्ता के अनुसार आयोग को इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद श्री गढ़ी ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी दस्तावेजों और जनगणना फॉर्मों में अपमानजनक एवं सामाजिक रूप से भेदभावपूर्ण शब्दों का प्रयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता का उन्मूलन) और अनुच्छेद 21 (गरिमा के साथ जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
आयोग ने मांग की कि जनगणना फॉर्म और ऑनलाइन पोर्टल से सभी आपत्तिजनक शब्द तुरंत हटाये जायें तथा भविष्य की जनगणना प्रक्रियाओं में ऐसी भाषा के प्रयोग को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनायी जाये।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने राष्ट्रीय आयोग से आग्रह किया कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि जनगणना से जुड़ी सभी सामग्री अनुसूचित जाति समुदायों की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे।
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