चंडीगढ़ , नवंबर 04 -- पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री दिवंगत बूटा सिंह के बारे में की गयी टिप्पणी से संबंधित मामले के संबंध में प्रस्तुत रिपोर्ट को असंतोषजनक पाते हुए तरनतारन के जिला चुनाव अधिकारी-सह-उपायुक्त, को छह नवंबर, 2025 को तलब किया है।
आयोग ने आदर्श आचार संहिता के अनुसार राजा वडिंग के जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध न लगाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि सहायक चुनाव अधिकारी-सह-नायब तहसीलदार जसविंदर सिंह द्वारा आज प्रस्तुत किया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद ज़िला चुनाव अधिकारी को तलब किया गया।
गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पहले ही छह नवंबर को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया जा चुका है।
आयोग के अनुसार, निर्वाचन अधिकारी यह स्पष्ट करने में विफल रहे कि कथित टिप्पणी सामने आने के बाद, वडिंग के खिलाफ कोई निर्देश क्यों नहीं जारी किये गये, जिसमें जिले में उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध भी शामिल है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में, राजा वडिंग को कथित तौर पर रंग और नस्ल से जुड़ी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है यह टिप्पणी कथित तौर पर तरनतारन उपचुनाव के लिए आयोजित एक रैली के दौरान की गयी थी।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और चूक पर कड़ा रुख अपनाते हुए, अध्यक्ष गढ़ी ने नये आदेश जारी करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त को छह नवंबर को नियम पुस्तिका के साथ आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने को संस्थागत प्राधिकार की अवहेलना माना जाएगा।
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