पंचकूला , सितंबर 05 -- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच और छह सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि उत्तराखंड में 10 सितंबर तक छह दिनों तक कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को 'ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन' जारी कर बताया कि शनिवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में पांच सितंबर को और उत्तराखंड में 5 से 10 सितंबर के दौरान इसी तरह की बारिश की गतिविधि का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि पांच सितंबर को हिमाचल प्रदेश में, 5-6 सितंबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 5-10 सितंबर के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 6-8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है।

आईएमडी ने 5 सितंबर के लिए पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा कई पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश की बहुत अधिक संभावना है।

पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में बारिश हुई है। चार सितंबर की सुबह 8:30 बजे से 5 सितंबर की सुबह 5:30 बजे के बीच, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में कई जगहों पर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज़्यादातर जगहों पर बारिश हुई।

खास बारिश की बात करें तो दिल्ली के पालम में 7 सेमी और सफदरजंग में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने बताया कि हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली मौसम उप-क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई है।

मौसम की मौजूदा गतिविधि पर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक साफ़ तौर पर पहचाने जा सकने वाले कम दबाव वाले क्षेत्र का असर है। यह क्षेत्र 5 सितंबर की सुबह 5:30 बजे वहां मौजूद था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है, और इस सिस्टम के अगले 24 घंटों तक उसी क्षेत्र में लगभग स्थिर रहने की संभावना है।

समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ़ श्री गंगानगर, चुरू, साफ़ तौर पर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज और बांकुरा से होकर गुज़रती है और फिर पूरब की ओर त्रिपुरा तक जाती है। मध्य और ऊपरी पछुआ हवायें (ट्रोपोस्फेरिक वेस्टर्लीज़) में एक पश्चिमी विक्षोभ भी ट्रफ़ के रूप में मौजूद है।

इसके अलावा, 6 सितंबर के बाद पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में बारिश का दायरा कम होने का अनुमान है।

आईएमडी के सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 से 11 सितंबर के बीच इन दोनों उन संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 5 सितंबर को व्यापक बारिश के बाद, 6 से 11 सितंबर के दौरान भी काफ़ी ज़्यादा इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

छह सितंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की बहुत संभावना है।

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