मधुबनी , जून 12 -- बिहार के मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से जिले के सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों के साथ पंचायती राज विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में पंचायत सरकार भवनों की स्थिति, आधार सेवा केंद्रों की स्थापना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, ई-ग्राम कचहरी, वित्त आयोग मद की व्यय प्रगति सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवनों के संचालन, वहां उपलब्ध कराई जा रही नागरिक सुविधाओं तथा विभिन्न पंचायतों में लंबित आधारभूत समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंचायत सरकार भवनों को आवश्यक सुविधाओं से युक्त कर पूर्णत: क्रियाशील बनाया जाए, ताकि आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जहां भूमि विवाद या अन्य कारणों से कार्य लंबित हैं, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवनों में आधार नामांकन एवं अद्यतन केंद्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की तथा शेष लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर आधार सेवाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को शत-प्रतिशत स्थापना सुनिश्चित करने, भुगतान संबंधी लंबित मामलों का निष्पादन करने तथा गुणवत्ता मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित हों।
बैठक में ई-ग्राम कचहरी के तहत दर्ज एवं निष्पादित मामलों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मामलों के त्वरित निष्पादन एवं पंचायत स्तर पर विवादों के प्रभावी निपटारे पर बल दिया। साथ ही छठे वित्त आयोग मद के अंतर्गत उपलब्ध राशि के व्यय की समीक्षा करते हुए विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और धन के समुचित उपयोग का निर्देश दिया।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही से ही पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में अपेक्षित सुधार संभव है।
बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।
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