बैतूल , जुलाई 08 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने संबंधित याचिकाकर्ताओं को पहले सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने फिलहाल किसी भी मामले में अंतरिम राहत प्रदान नहीं की है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की स्थानांतरण नीति के तहत 15 जून को जिले के 75 पंचायत सचिवों का एक जनपद पंचायत से दूसरे जनपद पंचायत क्षेत्र में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद नौ पंचायत सचिवों ने स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कीं।
याचिकाकर्ताओं ने स्थानांतरण के विरुद्ध विभिन्न आधार प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कार्यस्थल की अधिक दूरी, स्वास्थ्य संबंधी कारण, वृद्ध माता-पिता की देखभाल तथा अन्य पारिवारिक परिस्थितियां शामिल हैं।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में संबंधित सचिवों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा है कि प्राधिकारी नियमानुसार 30 दिनों के भीतर उस पर निर्णय ले।
जिला पंचायत सूत्रों के अनुसार अब तक नौ पंचायत सचिवों से संबंधित प्रकरण प्राप्त हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि स्थानांतरण आदेशों से असंतुष्ट अन्य सचिव भी आगामी दिनों में इसी प्रकार का कानूनी विकल्प अपना सकते हैं।
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