जयपुर , मई 22 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने उच्च न्यायालय के आगामी 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाने का फैसले को लोकतंत्र के हित में बताते हुए कहा है कि यह सरकार की बड़ी हार है।
श्री गहलोत ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव से लगातार भाग रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को आज उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है और चुनाव न कराने की इनकी कोई भी तिकड़म काम नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव न कराने पड़ें इसलिए बेहद बचकाने बहाने बनाए, कभी भीषण गर्मी, कभी स्कूलों में नए सत्र, कभी बारिश जैसे कारण बताए गए। इससे पहले भी न्यायालय ने गत 15 अप्रैल तक चुनाव कराए जाने का आदेश दिया था लेकिन सरकार ने न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं की।
श्री गहलोत ने कहा कि अब तो इनके बचने के सारे रस्ते बंद हो चुके हैं और इन्हें जनता के सामने जाना ही पड़ेगा। राजस्थान की जनता इस सरकार को इतनी मिस गवर्नेंस, भ्रष्टाचार, लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए माकूल जवाब देने का इंतजार कर रही है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायालय ने 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है, साथ ही ओबीसी आयोग को 20 जून तक आरक्षण संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
श्री पायलट ने कहा कि समय पर चुनाव कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है, परंतु भाजपा ने अनेक बहाने देते हुए चुनाव टालने की कोशिश की। लंबे समय तक निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं होने से जनता को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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