पटना , जनवरी 10 -- बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग को 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राष्ट्रीय स्तर के स्कॉच 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने जल संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये विभाग को राष्ट्रीय स्तर के स्कॉच 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग ने अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक कुल 25,579 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार सुनिश्चित किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल कुओं की सफाई ही नहीं, बल्कि उनके पास 19,033 सोख्ता का निर्माण भी कराया गया है, जिससे भूजल स्तर को स्थायी रूप से रिचार्ज किया जा सके।

श्री सिंह ने इस योजना के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार की ग्रामीण संस्कृति में कुओं का विशेष स्थान है। विशेषकर ग्रामीण महिलाओं के लिए ये कुएं सामाजिक विमर्श का केंद्र रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक संरचनाओं को बचाया गया है, बल्कि कृषि और हरित आवरण को भी नया जीवन मिला है।

श्री सिंह ने बताया कि इन सभी कार्यों की निगरानी 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करते हुए कहा कि:अब सभी पंचायत सरकार भवनों में 'छत वर्षा जल संचयन' संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

'पंचायत वन महोत्सव' के माध्यम से राज्य के हर वार्ड में 5-5 वृक्ष लगाने का प्रस्ताव है, जिससे पर्यावरण को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपनी पूरी टीम को देते हुए कहा कि विभाग मुख्यमंत्री के 'जल-जीवन-हरियाली' के संकल्प को पूरा करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

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