पंचकूला , अगस्त 11 -- अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हरियाणा में पंचकूला पुलिस ने करीब 1,800 वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित किया है, जो या तो अकेले रहते हैं या केवल पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं। सेक्टर-21 में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी की 72 वर्षीय पत्नी की कथित हत्या के बाद पुलिस ने बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान तेज कर दिया है। पुलिसकर्मी अब ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर उनका हालचाल जानने के साथ उनके घर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रहे हैं।

अभियान के तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार की जा रही है। बीट कांस्टेबल और विशेष एजेंट (एसए) थाना प्रभारियों की निगरानी में घर-घर जाकर बुजुर्गों का सत्यापन कर रहे हैं।

पुलिस बुजुर्गों का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, पूर्व पेशा और परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी दर्ज कर रही है। इसके साथ ही घर में काम करने वाले घरेलू सहायकों, किरायेदारों और नियमित रूप से आने-जाने वाले अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल बुजुर्गों का डाटा तैयार करना नहीं, बल्कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा और विश्वास पैदा करना भी है।

बुजुर्गों को पुलिस हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तत्काल पुलिस से संपर्क कर सकें।

अभियान के तहत पुलिस बुजुर्गों के घरों में काम करने वाले घरेलू सहायकों और किरायेदारों का भी सत्यापन कर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू सहायकों के सत्यापन के मामले में लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है।

2021 से 2025 के बीच पंचकूला में घरेलू सहायकों के सत्यापन के लिए केवल 394 आवेदन प्राप्त हुए। इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक भी महज 53 आवेदन पुलिस के पास आए।

इसके विपरीत, किरायेदारों के सत्यापन को लेकर लोगों की भागीदारी काफी अधिक रही। 2021 से 2025 के बीच 17,546 किरायेदार सत्यापन आवेदन प्राप्त हुए, जबकि इस वर्ष के पहले सात महीनों में ही 2,495 आवेदन पुलिस के पास पहुंचे।

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