नयी दिल्ली , जून 01 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के कथित मास्टरमाइंड और कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पिंदर सिंह को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया है।

ईडी ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी को पंचकूला स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे नौ जून तक नौ दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया।

ईडी ने अपनी जांच हरियाणा के पंचकूला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। यह मामला कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों की कथित संलिप्तता से नगर निगम पंचकूला के 145 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है।

जांच में अब तक नगर निगम अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों के बीच आपराधिक गठजोड़ का खुलासा हुआ है, जिन्होंने कथित रूप से सरकारी धन की हेराफेरी की।

ईडी के अनुसार, कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहक संबंध प्रबंधक दिलीप कुमार राघव, तत्कालीन उपाध्यक्ष पुष्पिंदर सिंह तथा नगर निगम पंचकूला के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक ने कथित मिलीभगत से फर्जी प्राधिकरण दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खुलवाये।

जांच में सामने आया कि नगर निगम के वैध बैंक खातों में जमा धनराशि को कथित तौर पर फर्जी फंड माइग्रेशन प्राधिकरण पत्रों के माध्यम से इन अनधिकृत खातों में स्थानांतरित किया गया।

ईडी ने बताया कि बाद में यह धनराशि रजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार सहित कुछ वित्तीय कारोबारियों के खातों में भेजी गयी। एजेंसी का आरोप है कि ये सभी पुष्पिंदर सिंह के निर्देश और नियंत्रण में कार्य कर रहे थे। जांच में यह भी पाया गया कि रजत दहरा और स्वाति तोमर के बैंक खातों का नियंत्रण प्रभावी रूप से पुष्पिंदर सिंह के पास था और इन्हीं खातों का उपयोग नगर निगम की बड़ी धनराशि की हेराफेरी के लिए किया गया।

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