बैतूल , मई 10 -- न्यूजीलैंड से आने वाला एक प्रतिनिधिमंडल 11 मई को बैतूल जिले के भ्रमण पर पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल जिले में संचालित जनजातीय आजीविका गतिविधियों और मधु संग्रहण व्यवस्था का अवलोकन करेगा। यह दौरा स्थानीय स्तर पर विकसित शहद उत्पादन और विपणन मॉडल को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब डेढ़ बजे बैतूल पहुंचेगा और नांदा स्थित वन धन विकास केंद्र के हनी कलेक्शन सेंटर का दौरा करेगा। यहां प्रतिनिधियों को जनजातीय समुदायों द्वारा किए जा रहे शहद संग्रहण, प्रसंस्करण और प्राथमिक भंडारण की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल शहद संग्रहण की पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों, संग्रहण के बाद ग्रेडिंग, गुणवत्ता परीक्षण तथा स्थानीय स्तर पर विकसित हनी वैल्यू चेन का निरीक्षण करेगा। अधिकारियों के अनुसार नांदा केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को शहद संग्रहण से रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों और लाभार्थियों से भी कराई जाएगी। इस दौरान हितग्राही अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि वन धन विकास केंद्र की गतिविधियों ने उनकी आजीविका को किस प्रकार मजबूत किया है।
वन धन विकास केंद्र योजना के तहत जनजातीय समुदायों को लघु वनोपज के वैज्ञानिक संग्रहण, मूल्य संवर्धन और विपणन से जोड़ा जाता है। बैतूल जिले में यह मॉडल शहद उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है और कई परिवारों की आय बढ़ाने में सहायक बना है।
अधिकारियों के अनुसार भ्रमण और संवाद कार्यक्रम के बाद न्यूजीलैंड का प्रतिनिधिमंडल उसी दिन बैतूल से भोपाल के लिए रवाना होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस अंतरराष्ट्रीय दौरे से जिले में संचालित जनजातीय आजीविका गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
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