देहरादून , जून 07 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना सुशासन की मूल भावना है। समाज के प्रत्येक वर्ग तक त्वरित और निष्पक्ष न्याय पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक सरल और सुलभ न्याय पहुंचाना विशेष रूप से आवश्यक है।
मुख्यमंत्री रविवार को यूपीईएस बिधौली में आयोजित उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन 'जूडिशियम 2.0 : इंक्लूजन, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम न्याय व्यवस्था में समावेशिता, न्याय तक आसान पहुंच और न्यायिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है, जो विकसित भारत के संकल्प से भी जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है। न्याय में अनावश्यक विलंब से आमजन का विश्वास प्रभावित होता है, इसलिए न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानूनों के साथ-साथ ई-कोर्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है।
श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी न्यायालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल कोर्ट, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके साथ ही राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। नकल विरोधी कानून, अवैध धर्मांतरण निरोधक कानून, दंगा रोधी कानून तथा भ्रष्टाचार और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से प्रदेश में कानून के शासन को और मजबूती मिली है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड जज एसोसिएशन की कल्याण निधि के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की तथा एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन भी किया।
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