जयपुर , अप्रैल 26 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने न्याय को धर्म की जड़ और सेवा को राष्ट्र का प्राण बताते हुए कहा है कि दीक्षांत समारोह संकल्प उत्सव है जहां ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रधर्म एक साथ आकार ग्रहण करते हैं।

श्री देवनानी सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यही वह क्षण होता है, जब वर्षों की तपस्या उपलब्धि में परिवर्तित होती है और यही आगे चलकर जिम्मेदारी बनती है। श्री देवनानी ने विद्यार्थियों से राष्ट्र सेवा, न्याय एवं मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बन चुका है। श्री देवनानी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय डिग्री के साथ एक दृष्टि देता है जिससे व्यक्ति आगे चलकर मानवीय संवेदनाओं के साथ राष्ट्र सेवा करता है।

श्री देवनानी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की विशेषता है कि यह शिक्षा को केवल सैद्धांतिक न रखकर उसे व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ता है ताकि यहां से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी केवल अधिकारी नहीं बल्कि एक सजग संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बन सके।

इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में राज्यपाल द्वारा कुल 192 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 188 स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा चार पीएचडी शामिल हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं तथा नौ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें छह छात्राएं शामिल रहीं। कुलाधिपति स्वर्ण पदक वर्ष 2024 के लिए राकेंद्र पीएस एवं वर्ष 2025 के लिए सुमूल गर्ग को प्रदान किया गया।

समारोह में विश्वविद्यालय की कुलगुरु आलोक त्रिपाठी, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस आयुक्त शरत कविराज, आईजी रेंज सत्येंद्र, महानिरीक्षक बीएसएफ एम.एल गर्ग, सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. श्वेता सिंह सहित विभिन्न अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के शिक्षक मौजूद थे।

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