मोतिहारी , अक्टूबर 05 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में न्यायिक अभिरक्षा में एक बंदी की मौत के बाद उसकी गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने और अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु तक की परिस्थितियां सवालों के घेरे में आ गयी हैं। कोटवा थाना क्षेत्र के बड़हरवा कला निवासी 52 वर्षीय सुधीश राम की रविवार को सदर अस्पताल, मोतिहारी में इलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय जांच में उसे शारीरिक रूप से स्वस्थ पाए जाने के बाद न्यायालय में पेश किया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटवा थाना पुलिस ने सुधीश राम को 29 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 30 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोटवा में उसकी चिकित्सकीय जांच की गयी। चिकित्सा पर्ची क्रमांक 2845 में उसका वजन 50 किलोग्राम, रक्तचाप 140/80 और नाड़ी की दर 78 दर्ज है। पर्ची में ''सीवियर अल्कोहोलिक ट्रेमर'' का उल्लेख करते हुए उसे ''अदरवाइज फिजिकली फिट'' भी दर्ज किया गया है।
चिकित्सकीय दृष्टि से ट्रीमोर का अर्थ शरीर के किसी हिस्से, विशेषकर हाथों में होने वाली अनैच्छिक कंपकंपी है। शराब के सेवन को अचानक रोकने अथवा उसमें उल्लेखनीय कमी के बाद "ट्रीमोर अल्कोहलिक विड्राल" का एक लक्षण हो सकता है, लेकिन केवल इस तरह के लक्षण के आधार पर किसी व्यक्ति में अल्कोहलिक विड्राल या उसकी गंभीरता का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुधीश की गिरफ्तारी कोटवा थाना कांड संख्या 405/25, उत्पाद अधिनियम के तहत 10 लीटर शराब के साथ की गयी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण के बाद चिकित्सक ने अभियुक्त को 'फिजिकली फिट' पाया और इसके बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में मोतिहारी केंद्रीय कारा भेजा गया।
वहीं, मोतिहारी केंद्रीय कारा के अधीक्षक विजय अरोड़ा ने 'वार्ता' को बताया कि सुधीश को 30 सितंबर की देर शाम केंद्रीय कारा लाया गया था। कारा के चिकित्सक ने प्रारंभिक जांच में उसे अस्वस्थ पाया और उसी रात उसे उपचार के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मृत्यु हो गयी।
मृतक के साढ़ू छोटा बरियारपुर निवासी नारद राम ने आरोप लगाया कि गांव के चौकीदार ललन दास और राजकुमार सुधीश के घर पहुंचे थे और उस पर शराब पिलाने का दबाव बनाया। उनके अनुसार विरोध करने के बाद पुलिस कार्रवाई की धमकी दी गयी और करीब आधे घंटे बाद थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे तथा सुधीश को मारपीट कर थाना ले गये।
मृतक के भतीजा पप्पू कुमार ने भी आरोप लगाया कि सुधीश के साथ घर और थाना दोनों जगह मारपीट की गयी। परिजनों का दावा है कि उसे छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गयी और रकम नहीं देने पर उसे जेल भेज दिया गया।
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