नैनीताल , अप्रैल 20 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी स्थित लामाचौड़ श्रमिक संविदा सहकारी समिति लिमिटेड सहित अन्य सहकारी समितियों के चुनाव नहीं कराए जाने के खिलाफ दायर विशेष अपील को खारिज कर दिया है।

मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने अपील को आधारहीन बताते हुए निरस्त कर दिया। न्यायालय ने कहा कि संबंधित समितियों को जारी नोटिसों की जांच प्रक्रिया अभी जारी है, ऐसे में इस स्तर पर अपील पर सुनवाई संभव नहीं है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि संबंधित सहकारी समितियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनकी जांच चल रही है। इसी कारण फिलहाल उनके चुनाव कार्यक्रम की तिथि घोषित नहीं की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया प्रगति पर है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, हल्द्वानी की लामाचौड़ संविदा सहकारी समिति लिमिटेड, कोश्यां कुटौली कृषि उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति, वैभव रसायन एवं विपणन सहकारी समिति, ग्राम विकास श्रम निर्माण सहकारी समिति, गौला सहकारी समिति और नैनीताल रेशम सहकारी समिति लिमिटेड ने विशेष अपील दायर कर कहा था कि प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव कराने की घोषणा 10 मार्च 2026 को की जा चुकी है, बावजूद इसके उनके यहां चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।

अपीलकर्ताओं का कहना था कि जब चुनाव ट्रिब्यूनल द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है, तो रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव द्वारा चुनाव न कराने के लिए नोटिस जारी करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने न्यायालय से इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि खंडपीठ ने सरकार के पक्ष को स्वीकार करते हुए अपील को खारिज कर दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित