नैनीताल , अप्रैल 22 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के खुर्पाताल क्षेत्र में नेपाली मूल के लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण और फर्जी दस्तावेजों के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की मोहलत दी है।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में नैनीताल निवासी पवन जाटव की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपी गई। कहा गया कि पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
सरकार की मांग पर अदालत ने राज्य सरकार को जांच के लिए अतिरिक्त समय की मोहलत देते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि नेपाल मूल के लोगों ने से आए कुछ लोगों ने नैनीताल के खुरपाताल क्षेत्र में सरकारी और नजूल भूमि पर अतिक्रमण किया है।
यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के बल पर आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बनवा लिये हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं। इस संबंध में कई बार प्रशासन और शासन स्तर पर शिकायतें की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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