अलवर , जून 13 -- राजस्थान में अलवर जिले की एक अदालत ने झूठे मामले दर्ज कराने वाले दो अलग-अलग परिवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जुर्माने से दंडित किया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर परिवादियाें को झूठा मामला दर्ज कराने का दोषी मानते हुए उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना किया।
यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे झूठे मामले दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में और खेड़ली थाना प्रभारी के प्रयासों से दोनों मामलों में न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर परिवादियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। खेड़ली थाना क्षेत्र के भनोखर निवासी फारूक खान ने एक व्यक्ति के खिलाफ दुकान में घुसकर मारपीट करने और नकदी चोरी कर ले जाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस जांच में शिकायत असत्य पाई गई। इसके बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट खेड़ली ने परिवादी को झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दोषी मानते हुए उस पर 1500 रुपये का जुर्माना किया।
एक अन्य मामले में गंगा देवी ने कुछ लोगों के खिलाफ घर में घुसकर छेड़छाड़ और बलात्कार के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। पुलिस अनुसंधान में आरोप निराधार पाए गए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित