लुधियाना , अक्टूबर 07 -- गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में देश के विभिन्न राज्यों के दुग्ध उत्पादक संगठनों से जुड़े पशु चिकित्सा प्रसार कर्मियों के लिए 'व्यावहारिक डेयरी फार्मिंग' विषय पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को शुरू हुआ।
विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (एनडीएस) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में नौ राज्यों के 20 पशु चिकित्सा प्रसार कर्मी भाग ले रहे हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे.पी.एस. गिल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पंजाब में अपनाई जा रही डेयरी फार्मिंग की तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अन्य राज्यों में लागू कर व्यावसायिक और टिकाऊ डेयरी विकास को बढ़ावा देना है। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ रविंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि डेयरी उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के मामले में पंजाब के किसान अन्य राज्यों के लिए उदाहरण हैं और इस मॉडल को देशभर में दोहराने की जरूरत है।
एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज की प्रमुख (पीआईबी) डॉ. वीनू सोढ़ी ने प्रशिक्षणार्थियों से व्यावहारिक जानकारी हासिल करने, सवाल पूछने और अनुभव साझा करने का आग्रह किया। बानी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नवदीप धाम ने अन्य राज्यों में डेयरी क्षेत्र की परिस्थितियों की जानकारी दी।
पशु चिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग के प्रमुख एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षणमें डेयरी फार्मिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि प्रतिभागी किसानों के लिए मार्गदर्शक और अग्रिम पंक्ति के सहयोगी के रूप में कार्य कर सकें।
डॉ अक्षिता चड्ढा और डॉ. रवदीप सिंह अगले दो सप्ताह प्रशिक्षण का समन्वय करेंगे।
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