जम्मू , सितंबर 16 -- जम्मू प्रशासन ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में रोहिंग्या और बंगलादेश शरणार्थियों की बस्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसके कारण निजी जमीन मालिकों ने अवैध प्रवासियों को किराये पर दी गयी बस्तियों को खाली कराना शुरू कर दिया है।

शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसी कई बस्तियों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। प्रशासन ने उन रोहिंग्या और बंगलादेशी शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जो एक दशक से अधिक समय से जम्मू में रह रहे हैं।

गौरतलब है कि अगस्त में जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच कर रहे एक उच्चस्तरीय पैनल ने जम्मू के नरवाल इलाके में स्थित सबसे बड़ी बस्तियों में से एक का दौरा किया था। इस बस्ती में अवैध रोहिंग्या प्रवासियों के कई सौ परिवार रह रहे हैं। पैनल ने मौके पर स्थिति का आकलन किया और म्यांमार तथा बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के बसने के कारण हुए जनसांख्यिकीय बदलावों के प्रभाव का जायजा लिया था।

कार्रवाई के तहत प्रशासन ने उन मकान और जमीन मालिकों की पहचान की, जिन्होंने अपनी संपत्तियां इन अवैध प्रवासियों को किराये पर दी थीं। इसके बाद संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए गए और उनसे कहा गया कि वे अगले कुछ दिनों के भीतर शरणार्थियों के कब्जे वाले मकानों और जमीनों को खाली कराएं।

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