नोएडा , जुलाई 12 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा के फेस वन थाना पुलिस ने "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए विमान उड्डयन कंपनी स्पाइसजेट में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार आरोपियों को नोएडा सेक्टर 2, से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक (म्यूल खाते) और चार यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने रविवार को संवाददाताओं को यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई आज के दिन मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें स्पाइसजेट में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन एवं प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये ठग लेते थे।
आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी प्राप्त हुई कि वे क्विकर डॉट कॉम समेत अन्य वेबसाइटों से नौकरी तलाशने वाले लोगों का डाटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर स्पाइसजेट में नौकरी दिलाने का दावा करते थे। जब कोई व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था तो उसके नाम से फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार कर भेज दिया जाता था। फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल फीस और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर रकम फर्जी बैंक खातों (म्यूल खातों) में जमा कराई जाती थी।
ठगी के बाद आरोपी इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। वहीं, नए सिम कार्ड हासिल करने के लिए गरीब और अनजान लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर सिम जारी कराते थे, ताकि पुलिस की कार्रवाई से बच सकें।
फेस वन थाना पुलिस ने बताया कि "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया गया था। विभिन्न बैंकों के हॉटस्पॉट और रेड जोन चिन्हित किए गए, जिनमें 19 रेड जोन में करीब 2500 मोबाइल फोन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल" पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान इस फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
पुलिस द्वारा जांच पड़ताल में, इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। आरोपियों द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी किए जाने की आशंका है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम सुदेश सिंह (36), निवासी मैनपुरी, वर्तमान पता सेक्टर-37, नोएडा, बृजेश भदौरिया (38), निवासी मैनपुरी, वर्तमान पता न्यू अशोक नगर, दिल्ली, अर्जुन (23), निवासी त्रिलोकपुरी, वर्तमान पता न्यू अशोक नगर, दिल्ली, संदीप कुमार तिवारी (32), निवासी रीवा (मध्य प्रदेश), वर्तमान पता न्यू अशोक नगर, दिल्ली हैं।
आरोपियों के खिलाफ फेस वन थाना में भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66-डी सूचना प्रौद्योगिकी अधनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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