नोएडा , अप्रैल 09 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा थाना साइबर अपराध पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा सेक्टर-16 क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह इंटरनेट पर पेड विज्ञापन चलाकर विदेशी नागरिकों को हैकिंग और डाटा चोरी का भय दिखाकर साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने मौके से सोलह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गुरुवार को फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार लैपटॉप, पंद्रह डेस्कटॉप, पंद्रह मॉनिटर, सोलह मोबाइल फोन, सोलह माइक-हेडफोन, दो राउटर और एक मॉडम सहित अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेड विज्ञापन चलाते थे, जिनमें टोल-फ्री नंबर दिए जाते थे। इन नंबरों पर कॉल करने वाले विदेशी नागरिक सीधे इनके कॉलिंग सॉफ्टवेयर से जुड़ जाते थे। इसके बाद आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका कंप्यूटर या डिवाइस हैक हो गया है।
इसके बाद स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए पीड़ित के सिस्टम तक पहुंच बनाकर बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। डर का माहौल बनाने के लिए आरोपी पीड़ित के कंप्यूटर की स्क्रीन ब्लैक कर देते थे, जिससे वे उनकी बातों में आसानी से आ जाते थे।
गिरोह पहले पीड़ित के खाते में उपलब्ध धनराशि का आकलन करता था। यदि खाते में कम रकम होती थी तो सौ से पांच सौ डॉलर तक वसूले जाते थे, जबकि अधिक रकम होने पर कॉल को सीनियर सदस्यों को ट्रांसफर कर बड़ी ठगी की जाती थी।
ठगी से अर्जित रकम को आरोपी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला चैनलों के माध्यम से प्राप्त करते थे और आपस में बांट लेते थे। पुलिस को मोबाइल और लैपटॉप की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।
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