नोएडा , जून 02 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-126 थाना पुलिस ने पीजी, हॉस्टल और किराये के कमरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त 12,500 रुपये नकद, एक आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस तथा एक अवैध चाकू बरामद किया है। आरोपी लंबे समय से नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय होकर छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को निशाना बना रहा था।

पुलिस द्वारा गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया गया कि, सेक्टर-126 थाना में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके कमरे का दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोर दो लैपटॉप तथा उसके रूम पार्टनर का एक लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर सेक्टर-126 थाना में बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान बुधवार को पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-131 नोएडा के पास से आरोपी बालन गोविन्दन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पंजीकृत मुकदमे से संबंधित चोरी के चार लैपटॉप, एक आधार कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ।

इसके अलावा सेक्टर-126 थाना के एक अन्य मुकदमे से संबंधित चोरी के माल की बिक्री के 6,500 रुपये नकद, सेक्टर-113 थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल, थाना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र से चोरी किए गए दो आईफोन, उनकी बिक्री से प्राप्त 6,000 रुपये नकद तथा अन्य घटनाओं से जुड़े पांच मोबाइल फोन और दो लैपटॉप भी बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध चाकू भी बरामद किया है।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है और काफी समय से नोएडा एवं एनसीआर में रहकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह विशेष रूप से पीजी, हॉस्टल, किराये के मकानों और फ्लैटों को निशाना बनाता था, जहां छात्र और नौकरीपेशा लोग रहते हैं।

आरोपी कई दिनों तक इलाके की रेकी करता था और ऐसे मकानों की पहचान करता था जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी या लोग लापरवाही में दरवाजे खुले छोड़ देते थे। मौका मिलते ही वह लैपटॉप, मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाता था।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए वह अक्सर चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार रैपिडो और ओला जैसी ऐप आधारित बाइक सेवाओं का भी सहारा लेता था। चोरी किए गए मोबाइल और लैपटॉप वह राह चलते लोगों को सस्ते दामों में बेच देता था, जबकि कई सामान पार्सल के जरिए अपने गृह राज्य तमिलनाडु भेजकर भी बेचता था।

चोरी से मिलने वाली रकम से वह अपने निजी खर्च पूरे करता था। विरोध होने की स्थिति में लोगों को डराने और मौके से भागने के लिए वह अपने पास अवैध चाकू रखता था।

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