नोएडा , जून 03 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-20 थाना पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साड़ियों की पैकिंग में छिपाकर गांजा तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 37 किलो 696 ग्राम गांजा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है तथा तस्करी में प्रयुक्त 39 साड़ियां बरामद की हैं।
बुधवार को पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि दो तीन तारीख की मध्य रात्रि को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-20 थाना पुलिस एवं एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान नोएडा सेक्टर-17 से शुभम पाठक और शिवम दूबे को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार शुभम पाठक ही पूरे गिरोह का सरगना है और वह पिछले दो-तीन वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। वह पश्चिम बंगाल से विभिन्न कोरियर कंपनियों के माध्यम से साड़ियों के पार्सल मंगवाता था, जिनकी पैकिंग के अंदर गांजा छिपाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सप्लाई करता था। आरोपी अक्सर अधूरे या फर्जी पते पर पार्सल बुक कराता था और डिलीवरी से पहले ही फोन के जरिए उसे प्राप्त कर लेता था।
आरोपियों ने गांजे को साड़ियों में छिपाने का उद्देश्य पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर से बचाना था। उन्होंने दावा किया कि बरामद गांजा उच्च गुणवत्ता का है, जिसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली विशेष पत्तियों को सुखाकर तथा विशेष रासायनिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। इसी वजह से इसकी मादक क्षमता और बाजार मूल्य सामान्य गांजे की तुलना में कहीं अधिक होता है।
गिरफ्तार आरोपियों में 26 वर्षीय शुभम पाठक पुत्र राजेश पाठक निवासी खिरई का पूर्वा, थाना इनायतनगर, अयोध्या (वर्तमान पता- ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेस-2, दिल्ली) तथा 24 वर्षीय शिवम दूबे पुत्र अरुण कुमार दूबे निवासी जवाहर दूबे का पूर्वा, थाना कुमारगंज, अयोध्या (वर्तमान पता- ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेस-2, दिल्ली) शामिल हैं। दोनों स्नातक शिक्षित हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-20, थाना में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
जांच में सामने आया है कि शुभम पाठक का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और मारपीट समेत विभिन्न मामलों में अयोध्या जिले के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं तथा अब तक कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ की तस्करी की जा चुकी है। साथ ही तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
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