ग्रेटर नोएडा 29 (वार्ता) उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक सक्रिय अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सूरजपुर थाना पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए अभियुक्त प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों एवं सोसायटियों में बंद पड़े मकानों की रेकी करता था। आरोपी ऑटो में घूमकर सुनसान और बंद घरों को चिन्हित करते थे। इसके बाद ताला और खिड़की की ग्रिल तोड़कर घर में घुसते और जेवर व नकदी चोरी कर फरार हो जाते थे।

गिरोह चार से पांच सदस्यों में काम करता था। इनमें से एक-दो सदस्य बाहर ऑटो में रहकर निगरानी करते थे, जबकि बाकी आरोपी घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

गिरोह ने 21 मई को ओमिक्रोन-तृतीय क्षेत्र में एक बंद मकान में घुसकर करीब 3.70 लाख रुपये नकद और आभूषण चोरी किए थे। इस संबंध में सूरजपुर थाना में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा 24 मई को डेल्टा-वन क्षेत्र के दो अलग-अलग बंद मकानों में चोरी की घटनाओं को भी आरोपियों ने कबूल किया। इन मामलों में भी सूरजपुर थाना में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो सोने की चैन, तीन हार, चार कड़े, चार कंगन, ग्यारह अंगूठियां, मंगलसूत्रनुमा चैन, झुमके, टॉप्स, पायल, बिछुए, मोतियों की मालाएं, चांदी के सिक्के, 1.65 लाख रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर लगभग 50 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए आभूषण, घटना में प्रयुक्त एक ऑटो तथा तीन अवैध चाकू बरामद किए हैं।

गिरफ्तार अभियुक्तों पर गौतमबुद्धनगर और सम्भल समेत विभिन्न जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सभी आरोपी शातिर और आदतन अपराधी हैं तथा पहले भी कई वारदातों में जेल जा चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और चोरी के नेटवर्क के संबंध में भी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित