नयीई दिल्ली , अप्रैल 14 -- कांग्रेस नेता उदित राज ने नोएडा में कर्मचारियों के हालिया विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला।

श्री राज ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोएडा में सोमवार को कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन हुआ, जबकि कुछ दिन पहले हरियाणा के मानेसर में भी श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा श्रमिकों के हित में लेबर लॉ बनाए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने उन कानूनों को खत्म कर चार नए लेबर कोड लागू कर दिए, जिनकी आड़ में मजदूरों का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मजदूर और ट्रेड यूनियन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करते थे और सरकारें उनकी बात सुनती थीं, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है।

उन्होंने नोएडा के मजदूरों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां कर्मचारियों को औसतन 12 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है, जिसमें से 5-6 हजार रुपये किराए में ही खर्च हो जाते हैं। शेष राशि में उन्हें बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं।

उन्होंने एक महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने अपने बीमार बच्चे को दवा देने में भी कटौती करनी पड़ रही है, ताकि दवा ज्यादा दिन तक चल सके। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या यही अमृतकाल है?" उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन में कुछ बढ़ोतरी की है, जिसमें महंगाई भत्ता शामिल है, लेकिन यह वृद्धि पर्याप्त नहीं है और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं करती।

ग़ौरतलब है कि नोएडा में श्रमिकों का विरोध प्रर्दशन सोमवार से लगातार जारी है।

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