नोएडा , मई 03 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर की साइबर अपराध थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

नोएडा पुलिस ने पंजाब के लुधियाना जनपद से भावेश गुप्ता और हर्षित कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों अभियुक्तों की उम्र 21 वर्ष बताई जा रही है।

पुलिस ने रविवार को बताया कि ये दोनों आरोपी साइबर ठगों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल "डिजिटल अरेस्ट" जैसी फर्जी अवधारणा के जरिए लोगों को डराकर ठगी करने में किया जाता था। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को कॉल करते थे और जांच या गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे ऐंठते थे।

इस मामले में पीड़ित को धमकाकर करीब सात लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। आरोपियों ने अपने बैंक खातों के माध्यम से यह रकम प्राप्त कर साइबर अपराधियों की मदद की। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों अभियुक्तों ने इस अवैध कार्य के बदले लगभग साढ़े चार लाख रुपये कमीशन के रूप में अर्जित किए।

आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों के खिलाफ कुल तीन शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें से दो तेलंगाना और एक आंध्र प्रदेश से संबंधित हैं। इन सभी मामलों में खातों के जरिए ठगी की रकम प्राप्त की गई थी।

इस प्रकरण में साइबर अपराध थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

साइबर अपराध पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती है और कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल के जरिए गिरफ्तारी नहीं करती।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित