नोएडा , मई 23 -- उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने 13 अप्रैल को हुए श्रमिक आंदोलन और हिंसक उपद्रव के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स के पास खड़े दर्जनों चार पहिया और दो पहिया वाहनों में आगजनी तथा तोड़फोड़ की थी।

पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि, एक माह पूर्व 13 अप्रैल को श्रमिकों और मजदूरों द्वारा नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सड़कों पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर उत्पात और उपद्रव की घटनाएं सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। घटनाओं के संबंध में नोएडा के विभिन्न थानों में कई अभियोग पंजीकृत किए गए थे।

इसी क्रम में सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में स्थित विपुल मोटर्स के आसपास हिंसक प्रदर्शन और आगजनी की घटना सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अभियुक्त की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नरेश कुमार पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम जैतीखेड़ा, थाना कल्याणपुर, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। वर्तमान में वह चोटपुर गांव, थाना सेक्टर-63, में रह रहा था। उसकी उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन नरेश कुमार महाविरा कंपनी, सेक्टर-63 परिसर में पहुंचा और कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाया। इसके बाद वह नारेबाजी करते हुए भीड़ के साथ बाहर निकला और विपुल मोटर्स के सामने पहुंच गया, जहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

आरोप है कि नरेश कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से वहां खड़े वाहनों में आग लगा दी। आग लगने से कई वाहन धू-धू कर जलने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने लोहे के पाइप से वाहनों में तोड़फोड़ भी की और अन्य गाड़ियों में भी आगजनी की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस द्वारा एकत्र किए गए वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों में अभियुक्त को आगजनी करते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया है। पुलिस टीम ने घटना से जुड़े डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।

जांच में यह भी सामने आया है कि नरेश कुमार महाविरा कंपनी में टेलर के पद पर कार्यरत था। आरोपी की पूर्व में हरियाणा के मानेसर क्षेत्र में हुए श्रमिक आंदोलनों में भी सक्रिय उपस्थिति रही है। उसके मोबाइल फोन से श्रमिक यूनियन से संबंधित दस्तावेज और अभिलेख भी बरामद किए गए हैं।

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