नोएडा , अगस्त 06 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र के स्कूलों में मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सात स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में यहां जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए शुल्क वृद्धि एवं शुल्क विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा की गई। इसी बैठक में नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी क्षेत्र के विद्यालयों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 7.23 प्रतिशत फीस वृद्धि की अनुमति है। समिति ने समीक्षा में पाया कि छह स्कूलों - ऐपीजे स्कूल, सेक्टर-16 नोएडा, स्पर्श ग्लोबल स्कूल, एचएस-1 सेक्टर-20 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रामाज्ञा स्कूल, सेक्टर-50 नोएडा, विश्व भारती स्कूल, सेक्टर-28 नोएडा, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, गौर सिटी ग्रेटर नोएडा तथा सेन्ट जोन्स स्कूल, एचएस-01 सेक्टर-02 ग्रेटर नोएडा ने फीस में निर्धारित सीमा से अधिक वृद्धि की है।

इन छह स्कूलों पर उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की धारा 4(1) के उपबंधों का प्रथम बार उल्लंघन करने पर एक-एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।

समिति ने इसके अलावा बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21 नोएडा पर शैक्षिक वर्ष 2025-26 के फीस का विवरण स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किये जाने तथा कम्पोजिट फीस के अतिरिक्त अलग से एनुअल चार्ज वसूलने के मामले में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है।

समिति द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि करने वाले विद्यालयों को पूर्व में कुल 45 नोटिस जारी कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इन सात विद्यालयों ने नियमों की अवहेलना की थी।

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