प्रयागराज , मई 05 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारतीय सेना की नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड के तत्वावधान में आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम में भविष्य की युद्ध तकनीकों और आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इसमें देश की विभिन्न डिफेंस कंपनियों ने अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन, सुरक्षा प्रणाली और सैन्य वाहनों का प्रदर्शन किया।
सिंपोजियम में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक ताकत से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट सर्विलांस, रोबोटिक्स और हाईटेक हथियारों पर आधारित होगा। प्रदर्शनी में एडवांस ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, नाइट विजन डिवाइस, सिम्युलेटर, स्पेशल ऑपरेशन उपकरण और इंडिविजुअल प्रोटेक्शन सिस्टम प्रमुख आकर्षण रहे।
भारत इलेक्ट्रिकल्स द्वारा प्रदर्शित लॉजिस्टिक ड्रोन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह ड्रोन 50 किलोग्राम तक भार ले जाने में सक्षम है, 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और 5000 मीटर की ऊंचाई तक संचालित किया जा सकता है। इसे युद्ध जैसी परिस्थितियों में हथियार, मेडिकल सप्लाई और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए उपयोगी बताया गया।
इसके अलावा बिलराइस कंपनी ने मल्टी मिशन कॉम्बैट व्हीकल पेश किया, जिसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई और एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यह वाहन विभिन्न सैन्य अभियानों में बहुउद्देशीय उपयोग के लिए तैयार किया गया है।
जेन टेक्नोलॉजी की ओर से हार्ड किल फीचर से लैस स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम भी प्रदर्शित किया गया। यह सिस्टम घुसपैठ करने वाले ड्रोन को केवल पहचानने ही नहीं, बल्कि सीधे नष्ट करने में सक्षम है, जिससे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
टाटा मोटर्स द्वारा प्रस्तुत स्पेशल यूटिलिटी मिलिट्राइज्ड व्हीकल भी आकर्षण का केंद्र रहा। यह वाहन आईईडी ब्लास्ट और बैलिस्टिक हमलों से सैनिकों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। यह एके-47 और एके-56 जैसे हथियारों से होने वाले हमलों को झेलने में सक्षम है। इसकी गति जमीन पर 100 किमी प्रति घंटा और पानी में लगभग 10 किमी प्रति घंटा तक है।
इस वाहन में आधुनिक संचार प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तकनीक और रूफ माउंटेड वेपन सिस्टम लगाया गया है, जिस पर मशीन गन भी फिट की जा सकती है। सिंपोजियम में प्रदर्शित इन तकनीकों से भारतीय सेना के भविष्य के स्वरूप में बड़े बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
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