नैनीताल , मई 12 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चार और निजी विद्यालयों को मंगलवार को नोटिस भेजा। इसके साथ ही जिले में अभी तक 105 निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने जिन स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है उनमें माउंट कार्मल सेरा स्कूल, श्रीपुर, शिक्षा नगर, लामाचौड़, हल्द्वानी, हैप्पी स्टेप्स स्कूल, मित्र कालोनी, देवलचौड़, हल्द्वानी, एवरग्रीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेरी पड़ाव, हल्द्वानी और लेक्स इंटरनेशनल स्कूल, भीमताल शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि अभी तक हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल के 105 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई विद्यालय निर्धारित पाठ्यक्रम के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं जबकि कुछ स्कूलों द्वारा विशेष दुकानों से पुस्तकें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिली हैं। साथ ही कई विद्यालयों की वेबसाइट पर शुल्क संरचना और पुस्तक सूची जैसी अनिवार्य सूचनाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं।
यह कार्रवाई 'बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009', 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019' तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर एनसीईआरटी आधारित संशोधित पुस्तकों की सूची जारी करने, किसी भी विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने तथा वेबसाइट पर शुल्क और पुस्तकों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित