नैनीताल , मई 13 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल में टैक्सी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को जारी अपने अहम निर्णय में इस मामले के समाधान के लिये कुमाऊं आयुक्त की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है।

कमेटी दो सप्ताह में बैठक कर इस मामले का समाधान निकालेगी और अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में अजय रावत और स्थानीय टैक्सी चालकों की ओर से दायर 11 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई।

टैक्सी चालकों की ओर से कहा गया कि उच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी कर वर्ष 2017 में नैनीताल शहर में स्थानीय टैक्सी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी जबकि देश के अन्य इलाकों की टैक्सी वाहनों के नैनीताल शहर में प्रवेश करने पर कोई रोक नहीं है।

इससे उनकी रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है। साथ ही उनके साथ अन्याय हो रहा है। अदालत ने इस मामले में सभी तथ्यों और दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए इस मामले के समाधान के लिये कुमांऊ आयुक्त की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया है।

कमेटी में जिलाधिकारी नैनीताल (सदस्य सचिव), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी, होटल एवं टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ ही अधिवक्ता चेतन जोशी को शामिल किया गया है।

कमेटी दो सप्ताह में बैठक कर इस मामले का समाधान तलाशेगी और अदालत में रिपोर्ट पेश करेगी। इस मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

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