नैनीताल , अप्रैल 01 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को नैनीताल नगर पालिका को बड़ी राहत देते हुए बारापत्थर, फांसी का गधेरा और लेक ब्रिज चुंगी से टोल वसूली ठेके के माध्यम से कराने की अनुमति दे दी है।
साथ ही अदालत ने भाड़े पर चल रहे प्रतिबंधित दोपहिया वाहनों के संदर्भ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 मंजूनाथ टीसी को तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने यह आदेश पर्यावरणविद प्रोफेसर अजय रावत की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिए।
नगर पालिका की ओर से आज एक प्रार्थना पत्र दायर कर अदालत से अपने पुराने आदेश में संशोधन कर निविदा जारी कर ठेकेदार के माध्यम से टोल वसूलने की मांग की थी। नगर पालिका की ओर से कहा गया कि उसके पास संसाधनों की कमी है। वह स्वयं के संसाधनों से टोल वसूली करने में अक्षम है। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
खंडपीठ ने एसएसपी को निर्देश दिए कि अदालत ने पूर्व में टैक्सी के रूप में चल रहे दोपहिया वाहनों (टीबी नंबर) के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। उस आदेश के अनुपालन के संबंध में तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करें।
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