नैनीताल , मई 30 -- उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल में होमस्टे के नाम पर होटल और गेस्ट हाउस चलाने वालों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। नियमों को ताक पर रख कर चल रहे 150 होमस्टे इकाइयों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया जबकि 55 पर जुर्माना लगाया गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जिले में होमस्टे के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया गया। संबंधित परगना अधिकारियों और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में होमस्टे इकाइयों का निरीक्षण किया। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई स्थानों पर होमस्टे संचालक स्वयं वहां निवासरत नहीं मिले, जबकि कुछ इकाइयों का संचालन पूरी तरह होटल और रेस्टोरेंट की तरह किया जा रहा था। कई जगह रिसेप्शन स्टाफ तैनात मिला और कुछ होमस्टे लीज पर देकर व्यावसायिक रूप से संचालित किए जा रहे थे।
प्रशासन ने पाया कि कई इकाइयों में पार्किंग की उचित व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग कराई जा रही थी और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
कार्रवाई के तहत ऐसे सबसे अधिक 94 होमस्टे नैनीताल क्षेत्र में पाये गये। इसके अलावा रामनगर में 20, धारी में 19, कैंचीधाम क्षेत्र में 07, हल्द्वानी में 05 और कालाढूंगी में 05 इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नोटिस मिलने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वाले अन्य होमस्टे संचालकों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव कराना है, लेकिन इसे व्यावसायिक होटल कारोबार में बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस कार्रवाई के बाद जिले के होमस्टे संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है और कई होमस्टे संचालक अब नियमों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
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