हल्द्वानी , मई 06 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए बुधवार को 12 और स्कूलों को नोटिस जारी किया है। अभी तक 50 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत मिल रही थी।
आरोप है कि निजी स्कूल एनसीईआरटी की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने, विशेष दुकानों से ही किताबें और सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालने तथा वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं उपलब्ध न कराने की शिकायतें भी मिली हैं। यह भी आरोप है कि इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
इसके बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल को इस मामले में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अब तक जिले में कुल 50 निजी स्कूलों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।
नोटिस पाने वाले विद्यालयों में वेदान्तंम इंटरनेशनल स्कूल, चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल, न्यू बाल संसार स्कूल, आरुष पब्लिक स्कूल, जी किड्स पब्लिक स्कूल, काठगोदाम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, लिटिल स्पार्कल एकेडमी, मानस पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक स्कूल, श्री कृपा पब्लिक स्कूल, सेंट जॉर्ज स्कूल और समिट पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिन के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, किसी भी विक्रेता की बाध्यता समाप्त करने और शुल्क व पुस्तक सूची का वेबसाइट पर पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि तय समय में आदेश का पालन न करने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता निलंबित या निरस्त की जा सकती है, साथ ही कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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