पटना , फरवरी 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार को नेहरू-गांधी परिवार पर हमला करते हुये बुधवार को कहा कि यह परिवार व्यक्तिगत हितों के लिये राष्ट्रीय हित के साथ लगातार कई अवसरों पर समझौता करता रहा है और इसे नरेन्द्र मोदी सरकार के राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
श्री नबीन ने यहां पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि कांग्रेस के लंबे कार्यकाल में नेहरू-गांधी परिवार एक तरह से समझौता मिशन ही चलाता रहा। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा देश देश हित से समझौता कर व्यक्तिगत स्वार्थ में कार्य किया है।
भाजपा अध्यक्ष श्री नबीन ने आरोप लगाया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का का कार्यालय सीआईए एवं अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए खुली किताब की तरह था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1954 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किस प्रकार से बिना किसी रिवार्ड के तिब्बत में भारत के अधिकार को चीन को सौंप दिया यह सभी को मालूम है। पंचशील की आड़ में किस प्रकार से अक्साई चीन का कब्जा मान लिया गया। यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में किस प्रकार से पत्र लिखकर चीन को स्थायी सदस्यता देने की वकालत की गई वह भी सभी ने देखा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा गांधी, जिन्होंने बड़ी छवि बनाई थी लेकिन हमें ध्यान है कि अमेरिकी राजदूत ने माना था कि सीआईए ने कांग्रेस को चुनाव में प्रचार करने के लिए पैसा दिया। उन्होंने सवाल किया कि शिमला समझौता के तहत 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को बिना कब्जा लिए हुए छोड़ देना, आखिर किस समझौता मिशन के तहत यह किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से कच्चातिवु जो श्रीलंका से है उसे किस प्रकार से श्रीलंका को दे देना इंदिरा गांधी के समझौता मिशन को दिखाता है।भोपाल गैस कांड में हजारों भारतीयों के हत्यारे वारेन एंडरसन राजकीय विमान से सुरक्षित देश से बाहर भेजा जाना भी एक सवाल खड़ा करता है।
श्री नबीन ने कहा कि सोनिया गांधी ने अपने पूरे राजनीतिक कार्यकाल में, यानी 2004 से 2014 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से 'सुपर प्रधानमंत्री' बनकर समानांतर सरकार और कैबिनेट का संचालन किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन की सरकार और जॉर्ज सोरेस से फंडिंग करवाना निश्चित रूप से ये उनके समझौता मिशन की झलक को दिखाता है। राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की हैं लेकिन उससे आधे से अधिक यात्राओं की सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं देना आखिर किस समझौता मिशन के तहत हो रहा है।
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