भोपाल , अगस्त 14 -- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का समझौते के माध्यम से निराकरण किया जाएगा।

कंपनी ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दर्ज विद्युत चोरी के लंबित प्रकरणों तथा विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों के उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर लोक अदालत में समझौता करें।

कंपनी के अनुसार धारा 135 के तहत लंबित और न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निराकरण के लिए निम्नदाब श्रेणी के सभी घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं, पांच किलोवाट तक के गैर घरेलू तथा 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्धारित छूट दी जाएगी।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व राशि पर 30 प्रतिशत तथा निर्धारित राशि के भुगतान में चूक होने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक छह माह की चक्रवृद्धि दर के अनुसार 16 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

लिटिगेशन स्तर पर आकलित सिविल दायित्व राशि पर 20 प्रतिशत तथा भुगतान में चूक होने पर निर्धारित अवधि के बाद लगने वाले 16 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

कंपनी ने बताया कि यह छूट निर्धारित नियम एवं शर्तों के तहत आकलित सिविल दायित्व राशि 10 लाख रुपए तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। छूट का लाभ केवल 12 सितंबर 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में समझौता करने पर ही मिलेगा।

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