श्रीनगर , मार्च 03 -- जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वे शोक संतप्त परिवारों और मातम मनाने वालों की भावनाओं के मद्देनजर पिछले दो दिनों में हिरासत में लिये गये युवाओं को रिहा करने पर विचार करें।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और श्रीनगर के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि इस तरह के मानवीय कदम से जनता की पीड़ा को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या को अत्यंत दुखद और कष्टदायक घटना बताते हुए श्री सादिक ने इसे मुस्लिम उम्माह (मुस्लिम जगत) के लिए गहरा सदमा और अपूरणीय क्षति करार दिया।
उन्होंने कहा, "इस संवेदनशील क्षण में हमारी सामूहिक जिम्मेदारी यह है कि अपनी बातों और कार्यों दोनों में धैर्य, संयम और गरिमा का प्रदर्शन करें।"उन्होंने कहा, "दुख व्यक्त करना वैध और स्वाभाविक अधिकार है। लोग अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाहर आये हैं। ऐसे में हमेशा कुछ तत्वों के स्थिति का फायदा उठाने का खतरा बना रहता है, इसलिए यह आवश्यक है कि दुख की अभिव्यक्ति शांतिपूर्ण और घरों, मस्जिदों और इमामबाड़ों तक ही सीमित रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।"उन्होंने युवाओं और छात्रों से घरों के भीतर रहने की विशेष अपील की और ऐसे कामों से बचने की सलाह दी, जो उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
श्री सादिक ने कहा, "आपका पूरा जीवन आपके सामने है। वर्तमान परिस्थितियों में सड़कों पर उतरने के आपके और आपके परिवारों के लिए दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।"उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में लिये गये कई नाबालिग हैं, जिससे उनके माता-पिता संकट में हैं।
युवाओं से अपनी शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए उन्होंने उनसे अपने कार्यों के निहितार्थों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को कहा।
श्री सादिक ने आगे कहा कि प्रतिबंधों के संबंध में राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए अगर आवश्यक हो तो नागरिकों को प्रशासनिक निर्देशों का सम्मान करना चाहिए।
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