श्रीनगर , अगस्त 05 -- कश्मीर घाटी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को हटाये जाने की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया।

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), कांग्रेस और अपनी पार्टी ने श्रीनगर में अपने-अपने मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। इनमें संबंधित दलों के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। नेशनल कांफ्रेंस ने श्रीनगर में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। इसमें नेकां के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। नेकां नेता और मंत्री सकीना इटू ने प्रदर्शन के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पांच अगस्त जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए "बदकिस्मती का दिन" था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिन उनके अधिकार, गारंटी, विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा छीन लिया गया था।

सुश्री इटू ने कहा, "पांच अगस्त को हमारे अधिकार, हमारी गारंटी, हमारे पास जो कुछ भी था, वह हमसे छीन लिया गया। चाहे वह विशेष दर्जा हो या राज्य का दर्जा, वह पांच अगस्त हम सभी के लिए बदकिस्मती का दिन था।" उन्होंने कहा कि नेकां ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए लगातार आवाज उठायी है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किये हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने विशेष दर्जे की बहाली की मांग करने वाला एक प्रस्ताव पारित किया था। कैबिनेट ने राज्य का दर्जा मांगने वाला प्रस्ताव भी पारित किया था। इसे केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों के जो अधिकार छीने गये थे, उन्हें वापस किया जाना चाहिए।" पीडीपी ने भी श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया।

पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार रात श्रीनगर में पार्टी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया। सुश्री महबूबा ने कहा कि बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने और नजरबंदी के बावजूद बुधवार को प्रदर्शन किये गये।

उन्होंने एक्स पर कहा, "व्यापक स्तर पर हिरासत में लिए जाने और नजरबंदी के बावजूद पूरे जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए पीडीपी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद। आपके साहस और संकल्प ने यह सुनिश्चित किया कि लोगों की आवाज सुनी जाये। संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि बनावटी सामान्य स्थिति या सावधानीपूर्वक तैयार किये गये आख्यान जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को मिटा नहीं सकते। गरिमा, न्याय और 370 की बहाली की उनकी मांग पहले की तरह ही मजबूत है।" पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने पीडीपी विधायक वाहिद पारा और कुछ कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर में प्रदर्शन किया।

सुश्री इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, "पांच अगस्त 2019 जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक काला दिन है। इसी दिन हमें जानवरों की तरह कैद कर दिया गया था। सत्ता के नशे में चूर सरकार ने हमारे राज्य से उसका विशेष दर्जा, झंडा, विशेष शक्तियां और संविधान छीन लिया था। इसके लिए हमारी शांतिपूर्ण लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि हमें इसका एक-एक अंश वापस नहीं मिल जाता।" विभिन्न दलों के कई विधायकों ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शन निकालने से रोका गया।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सातवीं वर्षगांठ पर कोई विरोध प्रदर्शन नहीं देखा है। इस बीच, भाजपा ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर श्रीनगर में तिरंगा रैली निकाली। पार्टी ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का जश्न मनाने के लिए अन्य जिलों में भी कई रैलियां कीं।

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