चम्पावत , अप्रैल 19 -- उत्तराखंड के सीमांत जनपद चम्पावत में भारत-नेपाल सीमा से सटे पांच सुदूर गांवों में पहली बार बिजली पहुंचने से विकास की नई उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत ग्राम बांडा, शेरा, लोडियालसेरा, पिपलियालसेरा और खिरद्वारी का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से संचालित इस परियोजना के तहत 13 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन बिछाई गई और पांच ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विद्युत विभाग ने लगभग डेढ़ माह में कार्य पूरा कर इन दूरस्थ गांवों तक बिजली पहुंचाई।

इन क्षेत्रों में अब तक रात के समय अंधेरा ही छाया रहता था, लेकिन अब 100 से अधिक परिवारों के घरों में पहली बार बिजली की रोशनी पहुंचेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और लघु उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र परिवारों को शीघ्र कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने जीवन में ''नई रोशनी'' लाने वाला कदम बताया है।

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