महराजगंज , अगस्त 14 -- भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4,350 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत नौ लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने शुक्रवार को बताया कि थाना श्यामदेउरवा, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम को गुरुवार देर रात सूचना मिली थी कि गोरखपुर-पिपराइच मार्ग से एक पिकअप वाहन में नशीली दवाओं की बड़ी खेप लादकर परतावल बाजार के रास्ते नेपाल सीमा की ओर भेजी जा रही है।
सूचना पर पुलिस टीम ने थाना श्यामदेउरवा क्षेत्र के बसहिया मोड़ स्थित पिपराइच-परतावल मार्ग पर घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। देर रात करीब 11:30 बजे संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। चालक ने वाहन भगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और उसमें सवार तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
वाहन की तलाशी के दौरान नीले रंग के प्लास्टिक बोरे और गत्ते के कार्टनों में छिपाकर रखे गए 2,000 डायजेपाम इंजेक्शन तथा 2,350 बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद किए गए। कुल 4,350 इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन और मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में लंबे समय से भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे थे। उनके अनुसार बिहार निवासी टिंकविल उर्फ पिंकू इस नेटवर्क का मुख्य संचालक है। तस्कर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उससे संपर्क कर दवाओं का ऑर्डर देते थे और बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान करने के बाद खेप नेपाल भेजी जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में लोहरौली निवासी जाकिर हुसैन तथा जमुईकला निवासी गोविंद प्रसाद हिस्ट्रीशीटर हैं। जाकिर हुसैन के खिलाफ एनडीपीएस, लूट और गैंगस्टर एक्ट सहित पांच मुकदमे दर्ज हैं, जबकि गोविंद प्रसाद के विरुद्ध एनडीपीएस, धोखाधड़ी, मारपीट और गैंगस्टर एक्ट सहित सात मुकदमे दर्ज हैं। तीसरे आरोपी सचिन निवासी जमुईकला को भी गिरफ्तार किया गया है।
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