मोतिहारी , अगस्त 26 -- नेपाल के रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी में भोटे कोशी नदी में बुधवार को आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। निर्माणाधीन 20 मेगावाट की लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे इंजीनियरों समेत 60 से अधिक कर्मचारी बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हैं। इस घटना ने नेपाल के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के जिलों में भी चिंता बढ़ा दी है।

लांगटांग जलविद्युत परियोजना के प्रबंध निदेशक तथा नेपाल के स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ (आईपीपीएएन) के सचिव बिजय मोहन भट्टराई ने सरकार से लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए तत्काल बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान चलाने का आग्रह किया है। उन्होंने एक नेपाली समाचार पत्र को बताया है कि बाढ़ आने के समय 60 से अधिक कर्मचारी परियोजना की सुरंग की कंक्रीट लाइनिंग के काम में जुटे थे। बाढ़ के पानी ने परियोजना के बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंचाई है। बताया गया है कि सुरंग नदी के सामान्य जलस्तर से करीब 10 मीटर ऊपर स्थित थी।

रसुवा में आई इस आपदा में अब तक 17 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि तिनमुरे, स्याब्रुबेसी, मैलुंग और रसुवागढ़ी में तैनात 26 पुलिसकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य में चिकित्सा दल, वाहन और विशेष उपकरण लगाए गए हैं। ड्रोन की मदद से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर फंसे लोगों और क्षतिग्रस्त इलाकों का पता लगाया जा रहा है।

रसुवागढ़ी के कस्टम और आसपास के परिसर में मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश भी जारी है। आपदा राहत सामग्री कंटेनरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक भेजी जा रही है। अधिकारियों ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी तटों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की चेतावनी दी है।

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