काठमांडू , अगस्त 29 -- नेपाल सेना ने शनिवार को 208 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 43 विदेशी भी शामिल थे, जो 26 अगस्त को रसुवा जिले में आई भयानक बाढ़ के बाद त्रिशूली-III हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंस गए थे।
सेना के अनुसार बचाए गए लोगों में 38 चीनी और पांच भारतीय नागरिक शामिल हैं।
बचाव अभियान में शामिल नेपाल सेना की टीम ड्रिलिंग उपकरणों सहित कई मशीनों की मदद से सुरंग के बाहरी हिस्से का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, रसुवा में त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर बचाव कार्य में मदद के लिए एक भारतीय बचाव टीम भी पहुंच गई है। यह टीम हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग इलाकों का शुरुआती हवाई जायजा लेगी।
त्रिशूली में बचाव अभियान शनिवार सुबह शुरू हुआ जिसमें टीमों ने सुरंग के प्रवेश द्वार से कीचड़ और मलबा हटाया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लगातार बारिश, कीचड़ और मलबे के कारण बचाव कर्मियों के लिए सुरंग के प्रवेश द्वार तक पहुँचना और खोज अभियान चलाना मुश्किल हो गया है।
नेपाल सेना ने आगे बताया कि 7,000 से अधिक सैन्य कर्मियों को तैनात किया गया था और वे बाढ़ से प्रभावित जिलों-रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग-में खोज, बचाव, आपातकालीन उपचार और शवों के प्रबंधन के लिए मिलकर काम कर रहे है।
ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने कहा कि बचाव कर्मियों ने पहले ही एक व्यक्ति को सुरंग से बाहर निकाल लिया था। वीडियो में टीमों को गहरे भूरे रंग के कीचड़ से सने बचे हुए व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक खींचते और धकेलते हुए दिखाया गया है।
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