चेन्नई , अगस्त 26 -- नेपाल के रसुवा क्षेत्र में बुधवार को अचानक आयी भीषण बाढ़ में तमिलनाडु के कुल 57 तीर्थयात्रियों के फंसने की रिपोर्टों के बाद राज्य सरकार ने केंद्र और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित करके उन्हें सुरक्षित बचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, 17 तीर्थयात्रियों के एक समूह ने ऑडियो भेजकर अपने सुरक्षित होने की बात कही है। दो बसों में सवार राज्य के शेष यात्रियों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। राज्य के विभिन्न जिलों के कुल 57 लोग - जिनमें 36 महिलाएं और 21 पुरुष शामिल हैं - 23 अगस्त को कुंभकोणम से नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे। यह आध्यात्मिक यात्रा काठमांडू से शुरू होकर स्याफ्रुबेसी से गुजरते हुए रसुवागढ़ी/केरुंग (जिरोंग) में नेपाल-तिब्बत सीमा पार करती है। फिर सागा तथा मानसरोवर झील से होते हुए दारचेन तक जाती है। इस 57 सदस्यीय समूह को बुधवार को नेपाल सीमा पर स्थित तिब्बत के जिरोंग जाना था। इस तीर्थयात्रा की व्यवस्था कुंभकोणम की एक ट्रैवल एजेंसी ने की थी। तीर्थयात्रियों में कुंभकोणम के 17, तंजावुर और त्रिची के पांच-पांच, कुड्डालोर के 12, मयिलादुथुरै के सात, होसुर और सूलागिरी के दो-दो, नामक्कल का एक और पुडुचेरी के तीन लोग शामिल थे।
इस बीच, कुंभकोणम की तहसीलदार सुश्री पूंगोडी ने पत्रकारों से बात करते हुए पुष्टि की कि कुंभकोणम की एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से 57 लोग तीर्थयात्रा पर गये हैं। शुरुआती रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सभी के सुरक्षित होने की बात कही गयी है। उन्होंने कहा, "हम सभी विवरणों का पता लगा रहे हैं।"ट्रैवल एजेंसी ने सभी 57 यात्रियों के नामों की सूची जारी की और कहा कि तीर्थयात्री तीन समूहों में बंटे हुए थे और तीन अलग-अलग बसों में यात्रा कर रहे थे। इनमें से 17 यात्रियों वाले एक समूह ने एक ऑडियो जारी करके बताया कि उनके समूह के सदस्य सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि आकस्मिक बाढ़ के कारण एक बस के गहरी खाई में गिरने की बात कही गयी है। ऑडियो में उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अन्य यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए बस से नीचे उतरने की अनुमति नहीं दी गयी।
ट्रैवल एजेंसी के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने कहा, "हम नहीं जानते कि उनके साथ क्या हुआ। उनकी क्या स्थिति है, वे जीवित हैं या नहीं, यह पता नहीं चल सका है। हम ईश्वर से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।"तमिलनाडु सरकार ने फंसे हुए पर्यटकों को बचाने और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने के लिए सभी प्रयास तेज कर दिये हैं। तमिलनाडु के पर्यटकों के ठिकाने और सुरक्षा का पता लगाने के लिए यह केंद्र सरकार और नेपाल में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने और तमिलनाडु वापस लाने की सुविधा के लिए राजनयिक माध्यमों से आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सरकार नेपाल की यात्रा पर गये तमिलनाडु के पर्यटकों का विवरण एकत्र करने के लिए पर्यटन एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाये हुए है। उनके स्थान, यात्रा समूहों और तत्काल आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार नेपाल के घटनाक्रम पर नजर बनाये हुए है और नेपाल की बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के निवासियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने नेपाल की यात्रा कर रहे पर्यटकों के रिश्तेदारों और परिजनों से संबंधित एजेंसियों के साथ आवश्यक विवरण साझा करने का भी आग्रह किया है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों के स्थान का सत्यापन किया जा सके और जहां भी आवश्यकता हो सहायता प्रदान की जा सके।
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