सिलीगुड़ी , अगस्त 27 -- सिक्किम के पूर्व मंत्री त्सेटेन ताशी भूटिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीसे अपील की है कि वे पड़ोसी देश नेपाल में अचानक आयी बाढ़ से हुई भारी तबाही को देखते हुए सिक्किम की नदियों पर प्रस्तावित नयी हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजनाओं को रद्द कर दें।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, श्री भूटिया ने नेपाल की सरकार और वहां के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और बाढ़ आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जतायी।

उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर किया है।बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे एक पत्र में, भूटिया ने उनसे सिक्किम में प्रस्तावित नयी हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजनाओं को रोकने और राज्य में मौजूदा तथा प्रस्तावित सभी हाइड्रो-पावर परियोजनाओं की एक स्वतंत्र और समयबद्ध जांच का आदेश देने का आग्रह किया।

उन्होंने ऐसी परियोजनाओं के पर्यावरणीय, भूवैज्ञानिक, भूकंपीय, सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रभावों का विवरण देने वाले एक श्वेत पत्र को सार्वजनिक करने की भी मांग की।

श्री भूटिया ने कहा, " इस दुखद क्षण में, हिमालयी क्षेत्र ने हमें एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता की याद दिलायी है।"उन्होंने प्रधानमंत्री से सिक्किम की नदियों और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कहा कि विकास राज्य के अस्तित्व, नदियों और हिमालयी सीमा की सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

श्री भूटिया ने कहा, "हमने बहुत कुछ देख लिया है। कृपया सिक्किम को ऐसी ही त्रासदी का सामना न करने दें।" उन्होंने कहा: "सिक्किम की नदियों को बचायें। हिमालय को बचायें। भारत की सीमा की रक्षा करें।"उन्होंने नेपाल बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हिम्मत देने की प्रार्थना भी की और उम्मीद जतायी कि चल रहे बचाव अभियान सफल होंगे।

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