वॉशिंगटन , अगस्त 30 -- नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिका ने नेपाल के लिए 36 लाख डॉलर से ज्यादा की मानवीय सहायता का ऐलान किया है। इस आपदा में अब तक कम से कम 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग अब भी लापता बताये जा रहे हैं।
अमेरिका की ओर से घोषित सहायता में आपदा से प्रभावित 10,000 तक परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सहायता शामिल है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग के मुताबिक, नेपाल और चीन में मौजूद अमेरिकी दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अमेरिकी नागरिकों की मदद और राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
यह आपदा बुधवार को हिमालय में एक ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने के बाद आई। ग्लेशियर टूटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा तेजी से घाटियों में बहा, जिससे नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
आपदा में विदेशी पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, लापता लोगों में करीब 100 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, देश में कुल 589 विदेशी नागरिकों के लापता होने की सूचना है। वहीं, नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक अब तक 261 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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