बिहार नेपाल बाढ़मोतिहारी , सितंबर 6 -- नेपाल में भोटेकोशी नदी के बाद अब उत्तरी गोरखा जिले में थेरंग खोला और बूढ़ीगंडकी नदी में रविवार को अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है।

इस बाढ़ और भूस्खलन के मलबे के तेज बहाव में चार निजी मकान, दो पुल और दो सूक्ष्म जलविद्युत परियोजनाएं बह गईं। हालांकि, समय रहते लोगों के सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के कारण अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरी गोरखा जिले की चुमानुवरी ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या चार के नामरुंग क्षेत्र में थेरंग खोला में भूस्खलन के मलबे के साथ अचानक आई बाढ़ ने चार स्थानीय नागरिकों के मकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। प्रभावित मकान नुर्वु ओङ्ग्याल (नुर्वु छिरिङ), उर्गेन छयोदेन, लाक्पा भुटी तथा दोर्जे ग्याल्जेन/मिंगमार लामा के बताए गए हैं।

बाढ़ के तेज बहाव में मनास्लू ट्रेकिंग मार्ग पर स्थित दो महत्वपूर्ण पुल भी बह गए। इनमें थेरंग नदी पर नामरुंग से मनास्लू क्षेत्र की ओर जाने वाला एक सस्पेंशन पुल तथा नामरुंग के निचले हिस्से में बूढ़ीगंडकी नदी पर बना पुल शामिल है। दोनों पुलों के बह जाने से क्षेत्र के ऊपरी और निचले हिस्सों के बीच संपर्क बाधित हो गया है।

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मनास्लू ट्रेकिंग मार्ग और लार्क पास की ओर आवागमन अगली सूचना तक रोक दिया है। सहायक मुख्य जिला अधिकारी नेत्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि अभी तक किसी प्रकार की मानवीय क्षति की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने यात्रियों और पर्वतारोहियों से अगली सूचना तक इस मार्ग पर यात्रा की योजना नहीं बनाने की अपील की है।

बाढ़ से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। दो माइक्रो-हाइड्रोपावर परियोजनाएं पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इनमें 22 किलोवाट क्षमता की पुरानी परियोजना तथा करीब सात करोड़ नेपाली रुपये की लागत से हाल में निर्मित 100 किलोवाट क्षमता की परियोजना शामिल है। परियोजनाओं के नष्ट होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के साथ-साथ मोबाइल और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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